CDS Bipin Rawat DIED in an Helicopter Accident/क्या बिपिन रावत जी की मौत के पीछे कोई विदेशी ताकत हैं?/Helicopter Crash/CDS Bipin Rawat/

भारत को अभी कुछ दिनों पहले एक भयंकर क्षति हुई हैं। भारत के Chief of Defence Staff Bipin Rawat एक हवाई हादसे में अपने प्राण गंवा बैठे। 

इस हवाई हादसे में बिपिन रावत जी के साथ साथ उनकी पत्नी Madhulika Rawat और 12 अन्य सैनिकों ने अपने प्राण गंवा दिए।

CDS Bipin Rawat Killed in an Helicopter Accident

कुछ लोग इस Helicopter हादसे पर सवाल उठा रहे हैं की आखिर एक अति आधुनिक Helicopter मौसम में खराबी के कारण दुर्घटना ग्रस्त केसे हो गया??
Please Watch this video for more information..
सवाल उठना लाजमी भी हैं, देश का वो सैन्य अधिकारी जिसने देश की सेना को से ऊंचा कर के बोलना सिखाया, सेना के जवानों का हर स्तिथि में साथ दिया।
Bipin Rawat जी की एक विमान हादसे में मृत्यु कुछ संदेह तो पैदा करती हैं। संदेह पैदा करने के लिए कई कारण देश के लोगो के पास हैं। इन्होंने चीन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था, सीमा के उस पर china और Pakisthan जो हरकते करते हैं उनके बारे में दुनिया को खुलेआम बताया भी इन्होंने ही था और उस पर निर्णय लेकर कार्यवाही भी इन्होंने की थी।
Bipin Rawat जी का जन्म एक गढ़वाली परिवार में हुआ था। इनके पिता भी Indian Army मे एक बड़े अफसर हुआ करते थे। इन्होंने अपनी लगन और इच्छाशक्ति से कम उम्र में ही भारतीय सेना में प्रवेश कर लिया। अपनी मृत्यु तक इन्होंने देश को अपनी सेवाए दी हैं।
जिस दिन Indian Army के Helicopter जिसमे बिपिन रावत उनकी पत्नी मधुलिका रावत, Indian Army के कुछ बारह Officer और उनके साथ सफर कर रहे थे। मौसम में खराबी आ जाने के कारण, हेलीकॉप्टर बहुत नीचे उड़ने के कारण कुन्नूर के जंगलों में एक हादसे में यह हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसके बाद इसमें आग लग जाने के कारण हेलीकॉप्टर में सवार CDS Bipin Rawat और उनकी पत्नी Madhulika Rawat और बाकी Indian Army के 12 Officer घायल हो गए थे। 

CDS Bipin Rawat ji ka Helicopter kese crash hua??

घायलों में से कुछ ने तो वहीं पर अपना दम तोड़ दिया था जबकि Indian Airforce के एक Officer इस हादसे में भयंकर रूप से घायल होने के कारण उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जिसके कुछ दिन बाद अस्पताल में इलाज के दौरान इनकी भी मृत्यु हो गई।
सेना के इतने अतिआधुनिक हेलीकॉप्टर जिसमे देश की तीनो सेनाओं के प्रमुख सैनिक अन्य Senior Officer’s के साथ सफर कर रहे थे, उसका मौसम में खराबी के कारण हादसे का शिकार होना कहीं पच सा नही रहा हैं।
बिपिन रावत जी ने अपनी मृत्यु से कुछ दिनों पहले ही चीन सरकार को विस्तारीकरण के मुद्दे पर घेरा था।
जब इनकी हवाई हादसे में मौत का समाचार देश विदेश में पहुंचा तो कई देश के राष्ट्रध्यक्षो ने Tweet कर के अपना शोक व्यक्त किया।
Bipin Rawat वो सैन्य अफसर थे जो हर वर्ग को अपने साथ लेकर चलते थे। 
इनकी मौत के पीछे कोई बहुत बड़ी साजिश लगती है क्योंकि भारतीय सेना का वह Helicopter जो विश्व के सबसे अत्याधुनिक हेलीकॉप्टरों में से एक है, उसका खराब मौसम के कारण अपना नियंत्रण खो कर जंगली पेड़ों के अंदर टकराकर विस्फोट हो जाने से एक सवाल सा तो खड़ा हो जाता है।
 क्या हेलीकॉप्टर के Radar System के अंदर कुछ परिवर्तन करके उन्हें उस क्षेत्र के अंदर ले जाकर नीचे से किसी Anti Aircraft Gun  के द्वारा Shoot किया गया हो, हो सकता है,
 होने को कुछ भी हो सकता है।
 आज के समय में आतंकियों के पास भी अत्याधुनिक हथियार हैं, आप तालिबान में देख सकते हैं अमेरिकी सेना द्वारा छोड़े गए हथियारों को आज तालिबानियों ने हथिया लिया है और उनसे अपने ही देश के अंदर अत्याचारों की सीमा को पार कर रहे हैं।
 Bipin Rawat जी ने एक बार Media के अंदर कहा था कि “पहली गोली हम नहीं चलाएंगे और पहली गोली चलाने के बाद हम गोलियों की गिनती नहीं करेंगे
 ऐसा खुलेआम करने वाले यह सेना के वह बहादुर अफसर थे जिनके साथ के  Junior Officer इन्हें आज भी याद करते हैं।

Bipin Rawat Kon The??

 इन्होंने देश के सैनिकों को एक नया जोश दिया उनका मनोबल बढ़ाया और सैन्य अधिकारियों को सीमा के ऊपर अधिकारों के अंदर छूट देकर  देश की सीमाओं को सुरक्षित किया।
 कुछ विदेशी ताकतें जो भारत के अंदर बैठी हुई है जिनका पैसा भारत के कुछ बड़े राजनेताओं के पास जाता है और जो बाद में छोटे से छोटे लेवल तक जाकर देश के ही अंदर आग भड़काने के लिए काम में आता है, अगर आप सोचने समझने की शक्ति रखते हैं तो सोचिएगा जरूर,
 कि 1 साल से जो आंदोलन चल रहा था वह भी Bipin Rawat जी की मृत्यु के 1 दिन बाद ही क्यों उसको उठाने का निर्णय लिया गया??
 जबकि सरकार ने कानून वापसी का निर्णय तो इससे बहुत दिन पहले ले लिया था।
 क्या यह आंदोलन देश का ध्यान एक तरफ करने के लिए नहीं हो सकता था??
 जहां तक संभावनाओं का सवाल है यह हमला तो किसी और के लिए प्लान किया गया था परंतु लगता है इस हमले का शिकार देश का एक दूसरा लाल हो गया।
 भारत के अंदर इन आतंकियों का जो देश के अंदर ही बैठकर इन गद्दारों की सहायता करते हैं, इनका वर्चस्व कुछ ज्यादा ही बढ़ चुका है।
 इनको ढूंढ ढूंढ कर कानून के द्वारा सजा दिलाकर  देश निकाला कर देना चाहिए। उनके सारे कागजातों को अवैध करार कर दिया जाना चाहिए।
Bipin Rawat  ने कई युद्धों के अंदर मुख्य भूमिका निभाई थी। Barma  के अंदर जो सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी उसके रचनाकार  भी Bipin Rawat ही थे।
 पुलवामा हमले के बाद और उरी हमले के बाद जो भारत में पाकिस्तान के ऊपर Surgical Strike और बालाकोट के अंदर Airstrike की थी उसके अंदर भी विपिन जी रावत की भूमिका अहम रही थी इन्होंने देश के मुख्य रक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ मिलकर देश की सेना शक्तियों को एक नया आयाम दिया।

CDS Bipin Rawat ki Helicopter Accident me Jaan jane ke piche koi or karan to nahi??

 आज इनके जाने से देश को एक अपूरणीय क्षति हुई है उस पद के ऊपर तो और कोई सैन्य अधिकारी आसीन होगा परंतु कोई भी सैन्य अधिकारी Bipin Rawat जी जैसा नहीं हो सकता।
Bipin  जी ने देशहित के अंदर जो भी निर्णय लिए वह आज देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। इस देश की जनता अब जागरूक होने लगी है।
 कुछ लोगों ने तो Bipin Rawat जी की मृत्यु पर भी खुशी जताई थी। कई बड़े बड़े University के Teacher ने अपने Social Media Handle के ऊपर Bipin Rawat जी की मृत्यु के ऊपर खुशी व्यक्त की थी।
 जिसके बाद देश के कुछ जागरूक नागरिकों ने उनको उनकी औकात दिखा दी और आज वह जेल में है।
Bipin Rawat जी की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके पार्थिव शरीर को उनके घर से श्मशान घाट की तरफ ले जाया जा रहा था, उस समय उनके घर से श्मशान घाट तक लोगों ने उनके साथ दौड़ कर उनको अपनी तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
 सड़क के दोनों तरफ हजारों लोग खड़े थे जो अपने देश के सर्वोच्च सैनिक को अंतिम सफर के लिए जाता हुआ देख कर उनकी बहादुरी को नमन कर रहे थे।
Indian Army के अंदर कई नवाचारों किं शुरुआत Bipin Rawat ji ने की थी। उनके साथ काम कर चुके कई पुराने अफसरों का उनके बारे में कहना हैं की वे एक उच्च कोटि के सैन्य अफसर थे, जिनके लिए हमेशा देश हित सर्वोपरि रहा हैं। बिपिन रावत जी अपनी पूरी Team को साथ लेकर चलते थे। इन्होंने कई सैन्य कार्यवाहियों में गजब के साहस और शौर्य का परचम दुनिया को दिखाया था। 
जब पड़ोसी देश बर्मा में आतंकियों का कहर कुछ ज्यादा ही बढ़ चुका था उस समय उनके द्वारा सहायता मांगने के बाद में बिपिन रावत जी के नेतृत्व में बर्मा की सीमा के अंदर जाकर भारतीय सेना जो कार्यवाही कर के आई थी उसका पूरा श्रेय बिपिन रावत जी को ही जाता हैं।
Bipin Rawat CDS, और बाकी Indian Army के Officer जो CDS और उनकी पत्नी मधुलिका रावत जी के साथ इस विमान हादसे में मारे गए उन्हें शत शत नमन।
देश आपका हमेशा ऋणी रहेगा।
Bipin Rawat के रूप में भारत ने एक कुशल युद्ध रणनीतिकार कर एक बहादुर सैन्य अधिकारी को खो दिया।
जय हिंद जय भारत 🇮🇳🇮🇳

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *