देश के अंदर आजकल नए मुद्दे पर चारो तरफ बहस छिड़ी हुई हैं। Karnataka के अंदर School में हिजाब और भगवा पहनने को लेकर बहस मची हुई हैं और राजनेतिक गिद्ध इस मामले को अपनी राजनीतिक लालसाओ के चलते भुनाने में लगे हुए हैं।
Hijab conflict in India
हिजाब का यह मामला अब देश के अंदर चारो तरफ जोर शोर से फैल रहा हैं। कर्नाटक के एक स्कूल में छात्राओं के हिजाब में स्कूल में आने को लेकर यह बहस शुरू हुई थी जो आज एक राजनेतिक मुद्दा बन चुकी हैं। देश में विपक्ष के अंदर बैठे हुए सारे नेता इस सारे लफड़े के लिए भाजपा की विचारधारा को दोषी ठहरा रहे हैं।
एक School के अंदर राजनेतिक विचारधारा का क्या काम?? शिक्षा सबके लिए समान होती हैं तभी तो विद्यालय में आने के लिए अलग से Dress Code होता हैं।
School में आने वाले हर एक विद्यार्थी को उसी School Dress में आना पड़ता हैं चाहे वह किसी भी धर्म से संबंध रखता हो।
शिक्षा के अंदर धर्म को घुसा कर विपक्षी दलों ने अपनी नीच सोच का परिचय दिया हैं। इस्लाम धर्म की मान्यताओं में अगर बुरका पहनने का निर्देश हैं और लोग उसको मानते हैं तो पहनो बुरका, पर School और College में नही।
चुनाव जब एकदम सर पर आ गए तब देश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए ये लोग बुरके का मुद्दा बना कर ले आए, परंतु अब ऐसा लग रहा हैं की यह खेल इनको खुद पर ही भारी पड़ रहा हैं।
राजनीति में अक्सर हमने देखा हैं की राजनेता अपने फायदे के लिए किसी को मरवा सकते हैं तो किसी तरफ अशांति फैला कर देश में माहोल भी बिगाड सकते हैं। वर्तमान में चल रहा हिजाब विवाद इसी राजनीति का हिस्सा हैं।
जो लड़किया इतने सालो से हिजाब पहन कर School आती रही उन्हे अब चुनाव बिल्कुल पास में आते ही याद आता हैं “अरे में तो इस्लाम को मानती हूं और मुझे तो हिजाब पहनना हैं, School में भी हिजाब पहन कर ही जाना हैं।”
हमारे Rajasthan में घूंघट प्रथा हैं और इसमें औरते अपने से रिश्ते और उम्र में बड़े लोगो से घूंघट करती हैं। यह प्रथा राजस्थान में मुगलों के आने के बाद शुरू हुई थी जो आज तक प्रचलन में हैं। आज तक राजस्थान के किसी भी School और Collage में कोई लड़की यह कहते हुए दिखी क्या की”में School में घूंघट में ही आउंगी”
नही ना, फिर क्यों किसी धार्मिक या सामाजिक मान्यता को शिक्षा के बीच में लाया जा रहा हैं??
देश का माहोल हम सब जानते हैं की केसे पिछले कुछ सालों में भाजपा की सरकार आने के बाद से देश के अंदर क्या क्या परिवर्तन हुए हैं।
Religious Dresses in school or collage
हिजाब का मुद्दा मुख्य तौर पर उत्तरप्रदेश के चुनाव में योगी जी को सत्ता से हटाने की कोशिश के लिए किया गया हैं। विपक्ष यह जानता हैं की योगी जी के पक्ष में देश में चारो तरफ अलग ही माहोल बना हुआ हैं। केवल Uttar Pradesh ही नही बल्कि बाहर की जनता भी Social Media के मध्यम से अपना समर्थन योगी जी के पक्ष में दिखा रहे हैं। Social media पर इन दिनों वामपंथियों और राष्ट्रवादी विचारधारा वाले लोगो के बीच में एक युद्ध सा छिड़ा हुआ हैं।
आज के अफगानिस्तान को ही देख लो आज वहां पर कोई हिजाब पहनने को लेकर आंदोलन नही कर रहा हैं जबकि हिजाब से बाहर निकलने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
पश्चिमी देशों के अंदर रहने वाले इस्लामी मान्यताओं को मानने वाले धर्मावलंबियों ने अब अपनी घर की औरतों को हिजाब से बाहर निकलना शुरू कर दिया हैं।
भारत के अंदर भी वास्तव में तो कई हजार औरते इस मान्यता से सच में पीड़ित हैं और हिजाब से बाहर निकलना चाहती हैं परंतु फिर कुछ लड़किया आती हैं जिनको अलग ही तरह की परेशानी हैं की इनको School में भी हिजाब पहन कर आना हैं।।
लड़किया जब School में हिजाब पहन कर आई तो School में पढ़ने वाले बाकी बच्चो ने इसका विरोध किया कर और विरोध के रूप में वो भी हिंदू धर्म का प्रतीक भगवा रंग से बने गमछे और लड़किया चुन्नी पहन कर School में आई।
जिसके बाद यह मामला तुल में आया, जब हिंदुओ में भगवा रंग पहनना शुरू किया तो मीडिया को ये बात बर्दाश्त नहीं हुई और फिर खेल शुरू हुआ इन शातिर हतकंडो का जिसकी गूंज दिल्ली तक पहुंच चुकी हैं।।
भाजपा या मोदी के विरोध में कोई छोटे से छोटे मुद्दा ही क्यों न हो, सबसे पहले कुद के आगे आते हैं Rahul Gandhi जिन्हे चाहे मुद्दे का कुछ पता नहीं हो परंतु फिर भी बोलना जरूरी हैं।
आज इस हिजाब के मुद्दे पर चारो तरफ से विपक्षी नेता चींटियों के उस झुंड की तरह निकल कर बाहर आ रहे हैं जेसे शक्कर का कोई टुकड़ा उन्हें मिल गया हो और उसका आहार इन्हे करना हो, हिजाब का मुद्दा इन राजनेताओं के लिए इसी शक्कर की तरह जिसके चारो तरफ यह सब चींटियों की तरह फेल चुके हैं।
भारत देश के पिछले सैंकड़ों सालो में कई टुकड़े हुए हैं और जो टुकड़े भारत से अलग होकर आज नए देश के रूप में अस्तित्व में हैं वे सभी इस्लामिक राष्ट्र ही हैं। इस्लाम की जहां पर अधिकता हो जाती हैं ये सब वहीं पर शरियत लागू करने की कोशिश करते हैं। भारत में इन चरमपंथियों को कांग्रेस जेसी देश विरोधी विचारधारा वाली राष्ट्रीय पार्टी का साथ मिला हुआ हैं तभी तो इतने जोर शोर से ये देश के कानून के विरोध में खड़े हो जाते हैं, कभी शाहीन बाग में तो कभी कर्नाटक में हिजाब के मुद्दे को लेकर।
Indian Public Reaction on Hijab Conflict
आज दक्षिण भारत में केरला, मुसलमानो और इस्लामिक चरमपंथियों का अड्डा बन चुका हैं। जो राज्य हिंदू धर्म और इनके देवताओं के नाम पर बसा हुआ हैं जहां पर विख्यात मंदिर हैं जिनके बारे में जिक्र देश विदेश में भी होता हैं।
कांग्रेस के राजकुमार जब से दक्षिण भारत से सांसद बने हैं तब से यह ज्यादा जहर फैला रहे हैं। हिजाब वाले विवाद में भी इन्ही का मुख्य हाथ है। इन चरमपंथियों को कांग्रेस पार्टी और इसकी साथी विपक्षी पार्टियां पूरा सपोर्ट करती हैं तभी तो आज इस्लामिक कट्टरपंथी देश के अंदर पैर फैला रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी देश के लिए पाकिस्तान से भी बड़ा खतरा हैं यह ये खुद बार बार साबित करते आए हैं, चाहे वह चीन के साथ संबंध हो या फिर पाकिस्तान प्रेम।
इस देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के मुख्य नेता अक्सर खुलेआम चीन का समर्थन करते दिखे हैं जो यह साबित करता हैं की ये लोग हमेशा से देश के विरोध में काम करते आए है। भारत की सेना और देश को सुरक्षा एजेंसियां अपने कार्य के प्रति पूरी वफादारी से लगी रहती हैं, यही बात इन नेताओ को बर्दास्त नही होती तभी तो जब कांग्रेस की सरकार हुआ करती थी तब इस देश के नेताओ ने जो की सरकार में मुख्य पदों पर आसीन थे, देश के सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारियों की जानकारी दुश्मन देश को बेचकर अपने ईमान को बेच डाला और आज यही दोगले देशद्रोही देशभक्ति पर जनता को ज्ञान दे रहे हैं।
हिजाब एक धार्मिक पहनावा हैं जिसे स्कूल और कॉलेज में कभी भी किसी भी हालत में लागू नही किया जाना चाहिए।किस संस्थान में यूनिफॉर्म लागू होता हैं वहां पर किसी धार्मिक पहनावे को कोई आवश्यकता नहीं हैं ये बात इन धार्मिक भावना भड़काने वाले दुष्ट कांग्रेसियों को समझना होगा।
जय हिंद जय भारत।