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Cinema वह माध्यम हैं जिसके द्वारा कोई व्यक्ति या फिल्म निर्माता अपनी कहानी को एक अलग रूप देकर जनता के सामने रखता हैं। इन कहानियों में कुछ काल्पनिक होती हैं तो फिर कुछ सच्ची कहानियां होती हैं जिन पर कई सालो में कोई निर्माता फिल्म बनाने की हिम्मत कर पाता हैं।

Bollywood में काफी फिल्मे ऐसी हैं जिनके अंदर किसी एक धर्म विशेष के लोगों को बहुत बढ़ा चढ़ा कर दिखाया जाता था। आज के समय में कई राष्ट्रवादी फिल्म निर्माता भी देश के अंदर अपने कदम जमा रहे हैं जिससे देश के फिल्म उद्योग में एक नई क्रांति सी आ रही हैं।

Difference Between Bollywood and South Cinema

South Indian Film Industry और BollyWood में ऐसा क्या अंतर हैं की आज ज्यादातर भारतीय दर्शक दक्षिण भारत में बनी फिल्मों की तरफ ज्यादा जा रहे हैं।
दक्षिण भारत मे बनने वाली अधिकांश फिल्मों में भारतीय संस्कृति के वास्तविक रूप को दर्शाया जाता हैं, आधुनिकता के साथ साथ पुरातन भारतीय संस्कृति और संस्कारो का समन्वय इस तरह से दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं की बॉलीवुड वाले देखते रह जाते हैं।
वर्तमान में दक्षिण भारत के एक दिग्गज निर्माता की एक नई फिल्म #rrr ने सिनेमा उद्योग में फिर से बाहर सी खिला दी हैं। यह फिल्म अब तक विश्व स्तर पर बहुत अच्छा काम कर रही हैं और प्रदर्शित करती हैं की अगर कहानी और फिल्म निर्माता की सोच में दूरदर्शिता हो तो कोई भी कहानी को बिना फूहड़ता और सनातन धर्म के अपमान के भी Superhit करवाया जा सकता हैं।
S S राजमौली ने जो इस फिल्म के द्वारा हिंदू धर्म और उनकी प्राचीन भारतीय संस्कृति से मिले ज्ञान को एक काल्पनिक कहानी में भी कुछ इस तरह से प्रदर्शित किया हैं की देखने वाला फिल्म से अपनी आंख तक नही हटा पाए।
#thekashmirifiles
कुछ दिनो पहले एक फिल्म रिलीज हुई थी The Kashmiri Files इस फिल्म के विरोध में वामपंथियो और एक धर्म विशेष के लोगो ने इसे बंद करने के लिए जितने पापड़ बेलने थे बेल लिए परंतु इस फिल्म को बंद नही करा पाए और आज भी यह फिल्म नए नए कीर्तिमान रोज लिखती जा रही हैं। 
विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्मित यह फिल्म 90 के दशक में कश्मीरी हिन्दू पंडितो के साथ जो अमानवीयता और उनका नरसंहार हुआ उसकी वास्तविकता को दर्शाती हैं। यह फिल्म पीड़ित कश्मीरी पंडितो के परिवार वाले के साक्षात्कार कर के सच्ची घटनाओं पर बनाई गई हैं। इस फिल्म में आतंकियों ने किस तरह एक रात में हजारों लाखों हिंदू पंडितो को नरसंहार किया और उन्हें उनकी जमीन घर मकान सब छोड़कर भागने को केसे विवश कर दिया था उस पर आधारित हैं।

Truth Revealed

इस फिल्म में दर्शाया गया एक एक दृश्य सच हैं और यही सच वामपंथी समुदाय और हिंदू विरोधी मानसिकता वाले राजनेतिक दलों के गले को हड्डी बना हुआ हैं।
कश्मीर में 90 के दशक में किस तरह हजारी मस्जिदों से घोषणा कर के कश्मीरी पंडितो को उनकी स्त्रियों को वहीं छोड़कर कश्मीर छोड़कर जाने के लिए केसे विवश कर दिया था इस पर बनी हुई हैं।
इस्लामिक कट्टरपंथी सोच पूरे संसार के लिए विध्वंशक हैं। इन कट्टरपंथियों से अपने आपको बचाकर रखना ही इस देश में सबसे बड़ी जीत होगी। राजनेतिक दल अपने फायदे के लिए इन्हे बढ़ावा देते रहेंगे परंतु अगर आम जनता जागरूक हो गई तो ये राजनेतिक दल भी कुछ नही कर पाएंगे। 
जो कश्मीर में हुआ था वो भारत में किसी भी इस्लामिक बहुसंख्यक क्षेत्र में हो सकता हैं और जब ऐसी हरकत होगी तो कोई भी राजनेतिक दल आपका साथ नही देगा, खुद के बचाव के लिए खुद ही लड़ना पड़ेगा।
दिल्ली में अक्सर मुख्यमंत्री केजरीवाल कई फिल्मों के बारे में सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ करते हुए उन्हें करमुक्त कर चुके हैं परंतु जब बात इस फिल्म #thekashmirifiles की आई तो भारी विधानसभा में इसका मजाक उड़ाकर यह कह दिया कि इसको YouTube पर डाल दो।
यह इनकी दोगलापंती हैं, यह उस विचारधारा को प्रदर्शित करती हैं जिसमे केवल हिंदू और राष्ट्र के लिए नुकसान ही हो, खैर किस नेता के बारे में तो बात करने लगे यह तो हैं ही वैचारिक आतंकवादी, जिसने देश की सेना के पराक्रम और उनकी शहादत को मजाक बना दिया ही उस नेता से और उम्मीद भी क्या की जा सकती थी।
इनके एक पुराने मित्र और आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य में से एक जो की देश के जाने माने कवि हैं उनका कहना था की केजरीवाल विचारो से खालिस्तान को समर्थन करते हैं, कहीं यही तो कारण नही हैं जिसके कारण इन्हे पंजाब में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का मोका मिल गया हो।
जब कुछ राष्ट्रवादी विचारधारा वाले लोग चाहे उनका सत्ताधारी पार्टी से दूर दूर तक कोई संबंध भी न हो,केवल राष्ट्रवादी विचारधारा होने के कारण अगर वह इनका विरोध करने लग जाए तो ये लोग उन्हें सोशल आतंकवादी या अंधभक्त का नाम दे देते हैं। किसी को कुछ नाम से पुकारने से उसका अस्तित्व नहीं बदल जायेगा, सामने वाला अपने देश हित में पक्ष को सबके सामने रख रहा हैं तो आप लोगो को मिर्ची क्यों लगती हैं??

Nationalism First Priority 

संकीर्ण मानसिकता और आधुनिक होने के चक्कर में आज के समय में सोशल मीडिया में हिंदू धर्म को रूढ़िवादी बताने में कोई भी नेता जरा भी संकोच नही करता हैं।
जब कश्मीर नरसंहार पर बनी यह फिल्म लाइमलाइट में आई तो सभी वामपंथी एजेंट पूर्ण रूप से सक्रिय हो गए और जो भी माध्यम उन्हे सुगम लगा उसके ऊपर इस फिल्म को नकारात्मक रूप से दिखाने का प्रयत्न करने लगे।
सच कभी छुप कर नही रह सकता आज नही तो कल, सच सबके सामने आ ही जायेगा, देश में बहुत सी ऐसी फिल्में बनी हैं जिन में हिंदू धर्म को अपमानित किया गया हैं तब तो कोई भी वामपंथी वाला या नेता उठ कर सामने नहीं आए की आप लोग यह गलत कर रहे हैं । आज जब कोई उनके सामने अपनी विचारधारा और देश के एक छुपे हुए सत्य को सबके सामने लाने का प्रयास कर रहा हैं तो उसका साथ देने के बजाय सारे के सारे उसके पीछे ही पड़ गए।
फिल्म निर्माता को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं ये धमकियां दे कोन रहा हैं??
कुछ लोग तो एसे जरूर हैं जो एसे सच को किसी के समाने नही आने देना चाहते तभी तो परदे के पीछे रहकर भी अपने चमचों के द्वारा इस विचारधारा को ही मिटाने में लगे हुए हैं।
RRR फिल्म दक्षिण भारत के दो स्वंत्रता सेनानियो के किरदार से प्रेरित हैं, अल्लुरी सीताराम राजू और गोंडा भीम,
समकालिक होते हुए भी ये दोनो कभी एक दूसरे से नही मिले थे। 
इस फिल्म के निर्माता ने अपनी काल्पनिकता और कहानी लेखन कला से यह दर्शाने की कोशिश की हैं की अगर ये दोनो किरदार आपस में मिल कर एक साथ अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह करते तो उसका अंजाम क्या हो सकता था।
इसी काल्पनिकता को एक कहानी में पिरोकर राजामोली ने अपने काम के प्रति अपनी लगन को साबित कर दिया हैं की किसी कहानी को किस तरह से पर्दे पर दिखाया जाना चाहिए कि वह दर्शकों को अपनी और आकर्षित कर सके।
एस एस राजमौली का मानना हैं की वो महाभारत और रामायण से बहुत अधिक प्रभावित हैं तभी तो उनकी बनाई गई फिल्मों में उस तरह के दृश्य आजमाए जाते हैं जो रामायण और महाभारत के समय हुआ करते थे।
धनुष और बाण से लड़ाई की कहानी केवल राजमौली ही पर्दे पर बेहतरीन रूप से दिखा सकते हैं उसका नमूना है बाहुबली में पहले भी देख चुके हैं। 
इस निर्माता में अपने पूरे कैरियर में केवल 11 फिल्मे बनाई हैं। 21 साल उन्हे इस फिल्म उद्योग में हो गए परंतु इतने सालो मे उन्होंने केवल 11 फिल्मों का ही निर्माण किया हैं और इनके द्वारा बनाई गई हर एक फिल्म सुपरहिट हुई हैं।
राष्ट्रहित सर्वोपरि
जय हिन्द जय भारत🙏🙏

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