Is Hinduism a Religion??/Death Rituals in Hinduism/Hindi/Sanskrit शब्दो का दुरुप्रयोग हिंदू को बदनाम करने के लिए क्यों??

Sanatan Dharma इस संसार में अपने ज्ञान से पिछले हजारों लाखों सालों से दुनिया को एक आध्यात्मिक रास्ता दिखाता आ रहा हैं जिस पर चल कर इंसान अपना जीवन सुखी तरीके से जी सके।

Sanatan Dharma को आज के समय में लोग बदनाम करने में लगें हुए हैं। कोई मूर्ति पूजा को निराधार बताता हैं तो कोई बहुत से देवी देवताओं के होने पर सवाल उठाता हैं।
यह ऊन मूर्ख अज्ञानियो के काम हैं जिन्हे Hindusim और सनातन संस्कृति के बारे में कुछ नही पता हैं।
Sanskrit Language का नाम लेकर कई पाखंडी बाबा आज जनता को मूर्ख बना रहे हैं और दूसरे धर्मो में हिंदुओं का धर्मांतरण करने में लगे हुए हैं।
Sanatan Dharma और Sanskrit दोनो वैज्ञानिक हैं। सनातन धर्म में सब कुछ विज्ञान के आधार पर होता हैं। आज के समय में जो विज्ञान पता नही लगा पाया हैं या जिनका पता लगा लिया हैं। वह चीज हमारे ऋषि महर्षि जो की वास्तव में वैज्ञानिक ही थे उन्हें इसके बारे में आज से हजारों सालों से पता था।

Is Hinduism a Religion??

आज कुछ अति आधुनिक लोग हिंदू धर्म होने पर ही सवाल उठा रहे हैं तो में उन अज्ञानियों को बता देना चाहता हू की जब तुम्हारे धर्म और तुम्हारे धर्म को शुरू करने वालो का अता पता भी नही था न तब से हमारा Sanatan Dharma अस्तित्व में हैं।
जिन धर्मो का उद्गम कलियुग में जाकर है वो भी आज से 1500 से 2000 साल पहले वो आज हमारे धर्म पर उंगली उठा रहे हैं। 
Hinduism कोई धर्म मात्र नही हैं ये एक पूरी संस्कृति हैं जो पिछले लाखो सालो से इस धरती पर आपका वर्चस्व कायम रखे हुए हैं। कई लुटेरे आए जिन्होंने हमारे धर्म और हमारे प्राचीन राजा महाराजाओं द्वारा बनाए गए शानदार और अजूबों को आपका नाम दे दिया जिसे बाद में उन्ही की तरह के विचारधारा या उन्ही के धर्म को मानने वाले लोगो ने बढ़ावा दिया।
आज पूरी दुनिया में हिंदू धर्म को नीचा दिखाने के लिए विदेशी ताकतें अपना पूरा जोर लगा रही हैं क्योंकि वो सब जानते हैं की अगर दुनिया को ये पता चल गया की हिंदू धर्म के अलावा इस दुनिया में सब कुछ झूठा हैं। 
इनके द्वारा पिछले 2000 सालो से दिन रात हिंदू धर्म और भारत को बदनाम करने की साजिसे जब दुनिया के सामने आ जायेगी तो दुनिया इन्हे कच्चा चबा जायेगी इसके वास्तविकता को छुपाने के लिए बहुत मेहनत की हैं इन लोगो ने।

How Many God’s are There in Hinduism

संसार में फैले कई दूसरे धर्म के लोगो ने बार बार ये सवाल जरूर उठाया हैं की हिंदू धर्म में बहुत से देवी देवताओं की पूजा की जाती हैं। ये सब दिखावा हैं ऐसी कई बाते हैं जो हिंदू धर्म के बारे में फैलाई गई हैं। 
इन बातो को फैलाने के लिए ये हमारे प्राचीन ग्रंथ के संदर्भ देते हैं की उनमें ऐसा लिखा हुआ ह की हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी देवता होते हैं।
जैसा की आप सब जानते हैं हमारे सारे धार्मिक ग्रंथ शुद्ध संस्कृत भाषा के अंदर लिखे हुए हैं। संस्कृत दुनिया की को भाषा हैं जो सबसे ज्यादा वैज्ञानिक भाषा हैं। संस्कृत में एक शब्द के कई मतलब निकलते हैं परंतु वो निर्भर करता हैं की श्लोक में कहा क्या जा रहा हैं। 
आज के कुछ नए नए लेखक जो हिंदू अनुवाद पढ़कर अपने आप को ज्ञानी समझते हैं उन्हें संस्कृत के बारे में पता नही हैं परंतु फिर भी अपना थोथा ज्ञान जरूर देते रहेंगे।
संस्कृत में एक शब्द हैं “कोटि” इस शब्द का सबसे ज्यादा प्रयोग हिंदू धर्म को बदनाम करने के लिए किया गया है इस शब्द के कई मतलब निकलते हैं स्थिति के हिसाब से इस शब्द का अर्थ बदल जाता है इसी शब्द का फायदा उठाकर वामपंथी लोग इसे हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी देवताओं से संबंधित बताते हैं जबकि इस शब्द का प्रयोग 33 करोड नहीं 33 प्रकार के लिए किया गया  हैं।
हिंदू धर्म के अंदर जीवन को सुगम बनाने वाले सभी तरीकों को उनके प्रतिनिधियो को इन 33 प्रकार के अंदर सम्मिलित किया गया है।
 जैसे वायु, जल, आकाश, चंद्रमा, सूर्य इसी प्रकार पूरे 10 प्रकार के देवी देवताओं को हिंदू धर्म के अंदर लिखे हुए प्राचीन ग्रंथों में वर्णित किया गया है जिसका कालांतर में वामपंथियों ने शुद्ध संस्कृत भाषा का ज्ञान ना होने के कारण दुरुपयोग करके लोगों के अंदर  इसके दूसरे अर्थ करोड़ को सम्मिलित करके भ्रमित कर दिया।
 संस्कृत वह भाषा है जिसे वैज्ञानिक अपने शोध के लिए सबसे ज्यादा काम में लेते हैं। यह एक वैज्ञानिक भाषा है जिसके हर एक शब्द का अर्थ कोई भी तकनीक उसी तरीके से लेती है जिस तरीके से शब्द को कहा गया है।
 हर शब्द का अर्थ उसके साथ लिखे गए बाकी शब्दों के अनुसार बदल जाता है। रामायण के अंदर या महाभारत के अंदर ऐसे कई श्लोक हैं जिनके अंदर कई ऐसे शब्द है जिनका हर श्लोक के अंदर अलग अर्थ होता है।

Death Rituals in Hinduism

इस संसार के अंदर जिसने भी जन्म लिया है उसको एक ना एक दिन मरना जरूर है और यही  रीति पीछले  लाखों सालों से चली आ रही है। रावण सिकंदर और भी कई ऐसे दुर्दांत राक्षस रूपी राजा हुए थे जिन्होंने इस धरती के ऊपर कई सालों तक राज किया है परंतु उनको भी एक ना एक दिन यह शरीर छोड़कर जाना ही पड़ा।
 हर धर्म के अंदर इंसान की मृत्यु के बाद उसके अंतिम संस्कार के लिए अलग-अलग तरीकों का प्रयोग किया जाता है। हिंदू धर्म के अंदर किसी इंसान की मृत्यु होने के बाद उसे जलाने का रिवाज है। किसी भी मृत शरीर को इंसान की मृत्यु के बाद में उसके परिजनों के द्वारा अग्नि के सुपुर्द कर दिया जाता है।
 अग्नि को संसार में सबसे शुद्ध माना जाता है। अग्नि से ज्यादा शुद्ध कुछ भी नहीं है। अग्नि अशुद्ध को शुद्ध कर देती है, इसीलिए हिंदू धर्म के अंदर एक मृत शरीर जिसे अशुद्ध माना जाता है शास्त्रीय विधियों के अंदर, उसे भी अग्नि शुद्ध करके अपने अंदर सम्मिलित कर लेती हैं।
 प्राचीन काल के कई धार्मिक ग्रंथों और लेखों के अंदर उल्लेख मिलता है कि कई लोगों के मृत शरीर को अग्नि ने अपने अंदर सम्मिलित नहीं किया, शायद उनके कुछ कर्म ऐसे रहे होंगे जिनके कारण उन्हें अपने अंदर समाहित नहीं करना चाहती होगी।
हिंदू धर्म के अंदर मृत्यु के बाद में इंसान को चिता के ऊपर लेटा कर उसके पुत्र या अन्य परिजनों के द्वारा मुखाग्नि देकर हमेशा के लिए अग्नि के सुपुर्द कर दिया जाता है। हिंदू धर्म में वर्णित है कि इंसान का शरीर पांच तत्वों से बना हुआ होता है अग्नि, जल, धरती, वायु और आकाश।
 जब इंसान की मृत्यु होती है तब यह शरीर इन्हीं पंचतत्व में वापस से विलीन हो जाता है  धरती के ऊपर चिता बनाकर उसमें आग लगाई जाती है, चिता से निकलने वाला धुआं वायु के माध्यम से आकाश के अंदर फैल जाता है अर्थात जिन पंचतत्व से इंसानी शरीर का वर्चस्व बना रहता है। मृत्यु के बाद भी वह शरीर उन्ही पंचतत्व में विलीन हो जाता है।
 दाह संस्कार के बाद बची हुई अस्थियों और इंसानी शरीर की राख को मां गंगा या जल के अन्य स्रोत के अंदर विसर्जित कर दिया जाता है।
जय श्री राम🙏🙏
Facebook –  @sanataniindian

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