Rahul Gandhi On Hindutva and Hindu/Hindi/Congress Protest in Rajasthan/Asia’s costly electricity/Hindutva/Sanatan Dharma

अंधेर नगरी चौपट राजा

ये कहावत शायद आप में से अधिकांश लोगों ने सुनी होगी, यह कहावत आम जीवन में बहुत प्राचीन समय से प्रचलन में हैं। 
इस कहावत से मिलती जुलती घटना अभी कुछ दिनों पहले राजस्थान में हुई हैं, जहां भारत की आजादी से पुरानी एक राजनेतिक पार्टी के नेताओ अर्थात एक पारिवारिक राजनेतिक पार्टी के नेताओ ने जयपुर में एक रैली की थी जिसका नाम दिया गया था “महंगाई हटाओ रैली”
पर वास्तव में था क्या इस रैली में ?? 

इस रैली के Congress और Rahul Gandhi के लिए क्या राजनेतिक महत्व हैं??

यह रैली गांधी परिवार का अपना राजनीतिक दिखावा मात्र से लग रहा था। इस रैली में महंगाई की बात करने के लिए आए थे ओर कर कुछ और ही गए,
यह रैली कांग्रेस के राजकुमार को फिर से Launch करने के लिए एक योजना थी जो राजकुमार जी ने खुद ही अपने भाषणों से तोड़ डाली।

Rahul Gandhi Comment On Hindutva

आए थे महंगाई का विरोध करने और कर गए यहां पर “हिंदू और हिंदुत्ववादी”
एक बात तो में पूरे आत्मविश्वास से कह सकता हूं की ये नेता तो बनेगा या नही परंतु अगर अभिनेता भी बना तो बहुत बुरा बनेगा।
Rahul Gandhi ने बेचारे ने कितने नाटक किए हैं खुद को हिंदू साबित करने के लिए, जब से मोदी सरकार आई हैं तब से बेचारा यह और इसका परिवार खुद को हिंदू ही सहित करने में लगे हैं।
कपड़ो के ऊपर से जनेऊ डालकर लोगो को दिखाकर खुद को कभी ब्राह्मण बताते हैं तो कभी कुछ और बन जाते हैं।
जब देश में Congress का शासन हुआ करता था उस समय इनकी सरकार ने न्यायलय में रामायण और भगवान राम को काल्पनिक तक कह दिया था, इसके लिए बकायदा कांग्रेस सरकार ने एक वकील नियुक्त किया हुआ था।
आज जब इनको अपने राजनेतिक फायदे के लिए भगवान श्री राम और हिंदू धर्म की जरूरत पड़ी तो हिंदू बनने का दिखावा करते है।
मुस्लिम से शादी करने के बाद उसकी संतान हिंदू केसे बन सकती हैं ये तो साधारण सी बात है,
आज जब करीना कपूर ने सैफ अली खान से शादी कर के जब दो बच्चो को जन्म दिया तो उन बच्चो का धर्म तो मुस्लिम हैं न?? फिर ये केसे हिंदू हो गए, था तो इनका परिवार भी ऐसा ही।

Congress Protest in Jaipur Rajasthan

राजनीति के लिए लोग किसी भी स्तर तक जा सकते हैं। देश को आजादी के बाद से आज तक मूर्ख बनाते आए हैं। जब राजस्थान में विधानसभा चुनाव हो रहे थे  उस समय इसी राहुल गांधी ने राजस्थान में एक चुनावी सभा में राजस्थान के किसानों का कर्जा सरकार बनने के 10 दिन के अंदर करने की बात कही थी।
राजस्थान के किसानों को बहला फुसला कर उनसे Vote तो लिया परंतु जब कर्जा माफी की बात आई तो कर्ज माफ करना तो छोड़ो इन्होंने तो किसानों को जाने वाली बिजली ही इतनी महंगी कर दी की आज पूरे एशिया में राजस्थान में सबसे महंगी बिजली हैं।
एक तरफ जहां पूरे भारत में Petrol और Diesel के दाम में केंद्र सरकार के द्वारा कर में कमी के बाद कमी आई थी परंतु राजस्थान में नहीं आज राजस्थान में 110 रुपए का पेट्रोल
 बिक रहा हैं। 
जनता को लूट जा रहा हैं ओर इसमें सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग के लोग ही परेशान होते हैं। जो अमीर हैं उनके पास पैसा इतना हैं की उन्हें किसी चीज से इतना फर्क नही पड़ता, और जो एकदम गरीब हैं उन्हें इन सब से इतना फर्क नही पड़ता, जब जरूरत होगी तो सरकार भी उनकी मदद कर देगी, परंतु जो मध्यम वर्ग के लोग हैं वो ही सबसे ज्यादा परेशान होते हैं इन मसलों में।
इतनी महंगाई में उनकी कमर टूटे चुकी हैं। जब पूरे देश में ईंधन के दाम में कमी आई तो राजस्थान वाले भी उम्मीद कर रहे थे की शायद हमारे वाले स्वघोषित जननायक को भी थोड़ी शर्म आ जाए और वो भी कम कर दे, परंतु ऐसा तो आज तक नही हुआ, आज भी राजस्थान में देशं में सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल बिक रहा हैं। 

Rajasthan me Petrol, Electricity, Diesel Itna Mahanga kyon hain??

राजस्थान सरकार ने बिजली बिलों पर भी कर और ज्यादा बढ़ा दिया है। जिससे किसानों का जीना अब दुर्भर हो चुका हैं। इसी संसद के सत्र में राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक मुद्दा इसमें उठाया था की जो राजनेतिक पार्टी अपने घोषणा पत्र में ऐसी लुभावनी झूट वादे करती हैं उन पर कानूनी कार्यवाही की जाए।
जब उत्तरप्रदेश में कोई छोटी सी घटना हो जाती हैं तो गांधी परिवार की बेटी और खुद को दूसरी इंदिरा गांधी समझने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा पहुंच जाती हैं वहां और कुछ भाषण देकर जनता को बहकाती हैं।
जब राजस्थान में जहां उनकी पार्टी की सरकार हैं वहां के कुछ लोग इनसे मिलने जाते हैं तो ये छुट्टी का बहाना कर के भाग जाते हैं। इनको निजी समय तभी याद आता हैं जब जनता उनसे सवाल करने लग जाती हैं।
राजस्थान में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। राजस्थान का गृह मंत्रालय खुद मुख्यमंत्री महोदय ने अपने पास रखा हुआ है एवं राजस्थान की पुलिस भी मुख्यमंत्री जी के अंतर्गत ही आती है। पिछले 3 सालों में राजस्थान में जितने भी भर्तियां हुई है चाहे वह शिक्षक भर्ती हुई हो या फिर कोई और सरकारी पदों पर नियुक्तियां, इन सब में जी भर कर घोटाला किया गया है।
 हर एक पद की कीमत लाखों में तय की गई थी जिसके बाद खुलेआम सरकारी पदों को नेताओं ने अपने एसो आराम का साधन बना लिया। मुख्यमंत्री साहब जनता में आकर दिखावा करते हैं कि उन्हें उनकी सरकार में क्या चल रहा है इसका कुछ पता ही नहीं है🤔🤔
 अभी कुछ दिन पहले जब एक शिक्षक समारोह के अंदर मुख्यमंत्री जी ने जब राजस्थान के शिक्षकों से पूछा कि क्या आपको स्थानांतरण के लिए पैसे देने पड़ते हैं??
 तब शिक्षकों के एक साथ हां करने पर भी उन्होंने इस बात को इस तरीके से प्रदर्शित किया कि उन्हें इसके बारे में कुछ पता ही नहीं हो, जबकि ऐसा हो ही नहीं सकता जिस राज्य के गृह मंत्रालय और पुलिस का नियंत्रण खुद मुख्यमंत्री के हाथों में हो और उन्हें पर्दे के पीछे जो घटनाएं चल रही हो उसके बारे में पता नहीं हो यह सब तो सरासर गलत है, खुलेआम झूठ बोल रहे हैं मुख्यमंत्री साहब।
 इनके कुछ प्रिय सरकारी अफसर है जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद भी राजस्थान में सरकारी  उच्च पदों पर बैठे हुए हैं और पैसा कमा रहे हैं।
 इन पैसों का कुछ हिस्सा शायद मुख्यमंत्री जी को भी जाता ही होगा, तभी तो इन पर भ्रष्टाचार के इतने मामले होने के बाद भी अपने पदों पर ज्यों के त्यों  बने हुए हैं।
 अपने राज्य के अंदर इतने मुद्दे चल रहे हैं परंतु फिर भी केंद्र सरकार को हर मुद्दे के ऊपर घेरने के कोशिश करनी है, चाहे उसमें आप गलत ही क्यों ना हो,
Corona ke Khatre me reli kyon??
 अभी जब  कोरोना वायरस का खतरा है। एक जगह पर ज्यादा व्यक्तियों के इकट्ठा होने के लिए रोक लगा दी गई है। उस समय में भी इन लोगों ने रैली का आयोजन किया वह भी कांग्रेस शासित राज्य के अंदर ही।
इस रैली में मुख्य मुद्दा तो हिंदुत्व ही रहा, कांग्रेस के राजकुमार का प्रिय Topic हिंदू ही इस बार भी रहा।
हिंदुत्ववादी होने पर उसे गलत करार देने के लिए ही क्या इस रैली का आयोजन किया गया था??
जो हिंदू हैं उसका हिंदुत्ववादी होना भी जरूरी हैं।
यह वह धर्म हैं जिसने सभी धर्मो को जोड़ कर रखा हुआ हैं।

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